![]() |
| WhatsApp नया सुरक्षा फीचर Meta Scam से बचो अभियान |
WhatsApp का नया अलर्ट फीचर: अनजान वीडियो कॉल से पहले मिलेगा चेतावनी संदेश, जानें Meta का Scam से बचो अभियान
आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर बुजुर्ग लोग, जो तकनीक के मामले में कम जानकारी रखते हैं, अक्सर साइबर फ्रॉड का शिकार बन जाते हैं। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए Meta ने भारत में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने प्रमुख प्लेटफॉर्म्स – WhatsApp, Facebook और Messenger पर नए सुरक्षा फीचर्स (Safety Features) लॉन्च किए हैं जो यूजर्स को अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल, स्कैम मैसेज और फेक अकाउंट्स से सुरक्षित रखेंगे।
Meta ने इन फीचर्स को दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ साझेदारी में “स्कैम से बचो (Scam Se Bacho)” नामक एक कैंपेन के तहत लॉन्च किया है। इसका मकसद बुजुर्गों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और उन्हें ठगी से बचाना है। इन नए टूल्स की मदद से यूजर्स ऑनलाइन ठगों की पहचान आसानी से कर पाएंगे और अपने निजी डेटा को सुरक्षित रख सकेंगे।
Meta का नया सुरक्षा अभियान “स्कैम से बचो”
Meta और भारत के DoT (Department of Telecommunications) ने मिलकर एक जागरूकता अभियान शुरू किया है जिसका नाम है “स्कैम से बचो”। यह अभियान खास तौर पर बुजुर्गों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए तैयार किया गया है।
इस कैंपेन के तहत Meta ने अलग-अलग भारतीय भाषाओं में वीडियो कंटेंट तैयार किया है ताकि हर उम्र और वर्ग के लोग आसानी से इसे समझ सकें।
इस पहल के माध्यम से लोगों को यह सिखाया जा रहा है कि –
कैसे ऑनलाइन फ्रॉड की पहचान करें
स्कैमर्स से कैसे बचें
और ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट कहां करें
Meta ने ब्लॉक किए 80 लाख स्कैम अकाउंट्स
Meta ने सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी साइबर ठगों पर कार्रवाई शुरू की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने म्यांमार, लाओस, कंबोडिया, UAE और फिलीपींस जैसे देशों में स्थित स्कैम सेंटर्स से जुड़े लगभग 80 लाख फर्जी अकाउंट्स को ब्लॉक किया है।
यह कदम यह साबित करता है कि Meta अब साइबर अपराधों को लेकर गंभीर है और यूजर्स की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता में है।
WhatsApp पर अनजान वीडियो कॉल के दौरान नया अलर्ट सिस्टम
अब अगर किसी यूजर को WhatsApp पर किसी अनजान नंबर से वीडियो कॉल आती है और वह व्यक्ति स्क्रीन शेयर करता है, तो ऐप तुरंत एक सुरक्षा चेतावनी (Security Alert) दिखाएगा।
इसका उद्देश्य यह है कि यूजर्स गलती से किसी स्कैमर को अपने फोन की संवेदनशील जानकारी न दिखा दें।
इस अलर्ट फीचर की प्रमुख बातें –
अगर कोई अनजान व्यक्ति वीडियो कॉल में स्क्रीन शेयर की मांग करता है, तो WhatsApp तुरंत चेतावनी देगा।
इस फीचर से यूजर्स अपने बैंक अकाउंट, UPI ID या पासवर्ड जैसी जानकारी साझा करने से बच सकेंगे।
इससे साइबर ठगी और डिजिटल फ्रॉड के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।
Messenger पर AI-आधारित स्कैम डिटेक्शन
Meta ने Messenger में भी एक अत्याधुनिक AI-पावर्ड स्कैम डिटेक्शन सिस्टम का परीक्षण शुरू किया है। यह सिस्टम संदिग्ध मैसेज की पहचान करके यूजर्स को अलर्ट करेगा, जिससे वे संभावित धोखाधड़ी से पहले ही सावधान हो सकें।
AI स्कैम डिटेक्शन की विशेषताएं –
यह सिस्टम यूजर की चैट पैटर्न का विश्लेषण करता है।
संदिग्ध लिंक, फर्जी इनविटेशन और नकली गिफ्ट मैसेज को डिटेक्ट करता है।
जैसे ही कोई संदिग्ध गतिविधि होती है, ऐप एक चेतावनी मैसेज दिखाता है।
Passkey फीचर से होगी लॉगिन सुरक्षा और मजबूत
Meta ने यूजर्स के अकाउंट्स को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए Passkey फीचर पेश किया है। अब यूजर्स फिंगरप्रिंट, फेस आईडी या PIN के माध्यम से अपने WhatsApp और Messenger अकाउंट्स में सुरक्षित तरीके से लॉगिन कर सकेंगे।
इस फीचर के फायदे –
पासवर्ड भूल जाने का झंझट खत्म।
बिना किसी कोड के सुरक्षित लॉगिन।
फिशिंग या अकाउंट हैकिंग के खतरे में भारी कमी।
बुजुर्गों की सुरक्षा Meta की पहली प्राथमिकता
Meta ने यह स्पष्ट किया है कि उसकी प्राथमिकता बुजुर्गों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कंपनी ‘सक्षम सीनियर (Saksham Senior)’ जैसी पहलों को सपोर्ट कर रही है, जो पूरे भारत में बुजुर्गों को डिजिटल सुरक्षा की ट्रेनिंग देती है।
इस पहल की मुख्य बातें –
बुजुर्गों के लिए जागरूकता सेशन आयोजित किए जा रहे हैं।
सीनियर लिविंग होम्स, RWA और क्लबों में प्रशिक्षण सत्र चलाए जा रहे हैं।
इन सत्रों में ऑनलाइन स्कैम की पहचान, बचाव और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया सिखाई जाती है।
Meta की डिजिटल सुरक्षा गाइड: सुरक्षित रहें, सतर्क रहें
Meta ने यूजर्स को कुछ जरूरी सुरक्षा टिप्स भी दिए हैं जो साइबर ठगी से बचने में मददगार हो सकते हैं।
Meta की 5 जरूरी सुरक्षा सलाह –
अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें।
अपनी व्यक्तिगत जानकारी या बैंक डिटेल्स कभी साझा न करें।जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें।
स्कैमर्स अक्सर यूजर को भ्रमित कर जल्दी निर्णय लेने के लिए दबाव डालते हैं।केवल ऑफिशियल वेबसाइट या हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें।
किसी भी कंपनी की मदद चाहिए तो केवल उनके सत्यापित चैनल से संपर्क करें।ईमेल या मैसेज में आए लिंक पर क्लिक न करें।
कई फर्जी लिंक आपके डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं।अपने परिवार या भरोसेमंद व्यक्ति से सलाह लें।
किसी भी वित्तीय कदम से पहले चर्चा करना हमेशा सुरक्षित रहता है।
भारत में बढ़ते साइबर अपराध और Meta की भूमिका
भारत में हर साल हजारों लोग ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बनते हैं। CERT-In की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में साइबर फ्रॉड के मामलों में 60% तक की बढ़ोतरी हुई है। Meta का यह कदम न केवल सोशल मीडिया सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि भारत की डिजिटल इकोनॉमी को भी सुरक्षित बनाएगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
Meta द्वारा शुरू की गई यह पहल डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। WhatsApp और Messenger पर जो नए फीचर्स जोड़े गए हैं, वे यूजर्स को ऑनलाइन ठगों से बचाने में काफी मदद करेंगे। “स्कैम से बचो” जैसे अभियानों के जरिए Meta ने यह साबित किया है कि तकनीक का सही इस्तेमाल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी किया जा सकता है।
अब यूजर्स को भी सतर्क रहना होगा और इन सुरक्षा उपायों का पालन करना होगा ताकि वे डिजिटल ठगी से सुरक्षित रह सकें।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. WhatsApp का नया सुरक्षा फीचर क्या है?
WhatsApp ने एक नया फीचर जोड़ा है जो अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल के दौरान चेतावनी देता है। अगर कोई यूजर स्क्रीन शेयर करने की कोशिश करता है, तो ऐप एक सुरक्षा अलर्ट दिखाता है ताकि यूजर सतर्क रहे।
2. Meta ने किन देशों में स्कैम अकाउंट्स ब्लॉक किए हैं?
Meta ने म्यांमार, लाओस, कंबोडिया, UAE और फिलीपींस जैसे देशों में मौजूद स्कैम सेंटर्स से जुड़े लगभग 80 लाख फर्जी अकाउंट्स को ब्लॉक किया है।
3. Messenger में AI स्कैम डिटेक्शन सिस्टम कैसे काम करता है?
Messenger का AI सिस्टम संदिग्ध मैसेज और लिंक को डिटेक्ट करता है। जैसे ही कोई स्कैम जैसी गतिविधि होती है, यह यूजर को तुरंत चेतावनी भेजता है।
4. Passkey फीचर क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
Passkey फीचर यूजर्स को फिंगरप्रिंट, फेस या PIN से सुरक्षित लॉगिन की सुविधा देता है। इससे पासवर्ड चोरी या अकाउंट हैकिंग का खतरा बहुत कम हो जाता है।
5. बुजुर्गों के लिए Meta की कौन-सी पहलें चल रही हैं?
Meta ‘सक्षम सीनियर’ जैसे प्रोग्राम्स को सपोर्ट कर रहा है जो बुजुर्गों को डिजिटल सुरक्षा की ट्रेनिंग देते हैं, ताकि वे ऑनलाइन स्कैम से खुद को बचा सकें।


